हनुमानगढ़। शहर के अनाज मंडी परिसर में आगामी दिनों में आयोजित होने वाली श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम के लिए आज से विधिवत तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है, वहीं संस्थान के सेवाधारी भी व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए मौके पर पहुंचकर दिन-रात सेवा में जुट गए हैं। आयोजकों के अनुसार यह सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा 16 मार्च से 22 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी।

प्रतिदिन सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक श्रद्धालु कथा श्रवण कर सकेंगे। कथा का वाचन प्रसिद्ध भागवत वक्ता परम पूजनीय गुरुदेव सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी भाग्यश्री भारती जी द्वारा किया जाएगा। साध्वी भाग्यश्री भारती अपने ओजस्वी, सरल और प्रेरणादायक प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत की दिव्य शिक्षाओं से अवगत कराएंगी तथा जीवन को सकारात्मक दिशा देने का संदेश देंगी। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। अनाज मंडी परिसर में विशाल पंडाल का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रणाली, मंच सज्जा, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से चल रहा है।

सेवाधारी लगातार स्थल पर रहकर व्यवस्थाओं को व्यवस्थित और सुचारु बनाने में जुटे हुए हैं ताकि कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कथा से पूर्व 14 मार्च 2026 को प्रातः 10 बजे मंगल कलश यात्रा का आयोजन भी किया जाएगा। इस भव्य धार्मिक यात्रा में 501 महिलाएं सिर पर कलश धारण कर नगर में श्रद्धा और भक्ति के साथ शोभायात्रा निकालेंगी। कलश यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंचेगी, जिससे पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल बनेगा।

आयोजकों के अनुसार इस कलश यात्रा का उद्देश्य नगरवासियों को कथा महोत्सव से जोड़ना और धर्म के प्रति आस्था को और मजबूत करना है। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करें और इस आध्यात्मिक आयोजन का लाभ उठाएं।

आयोजकों ने बताया कि कथा के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए लंगर भंडारे की भी व्यवस्था रहेगी, जिससे दूर-दूर से आने वाले भक्तों को प्रसाद ग्रहण करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों का कहना है कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि समाज में आध्यात्मिक जागृति और नैतिक मूल्यों के प्रसार का भी माध्यम है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों को धर्म, सेवा तथा सदाचार की प्रेरणा मिलती है।
