
हनुमानगढ़। इंदिरा गांधी नहर में पांच जनवरी 2026 के बाद का रेग्यूलेशन निर्धारित करने के लिए मंगलवार को जल संसाधन विभाग मुख्य अभियंता कार्यालय में बुलाई गई जल परामर्शदात्री समिति की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। पांच जनवरी के बाद का रेग्यूलेशन तय करने को लेकर हुई बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने मांग रखी कि इंदिरा गांधी नहर को जनवरी माह तक यथावत चार में दो समूह में चलाया जाए। लेकिन मुख्य अभियंता ने यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए कि बांध में इतना पानी नहीं है कि आईजीएनपी को चार में दो समूह में चलाया जा सके। नाराज जनप्रतिनिधि बैठक का बहिष्कार कर चले गए और मुख्य अभियंता के चैम्बर के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बैठक में रायसिंहनगर विधायक सोहनलाल नायक, अनूपगढ़ विधायक शिमला नायक, पीलीबंगा विधायक विनोद गोठवाल व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर सहित अन्य जनप्रतिनिधि व किसान प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में दस विधायकों को आमंत्रित किया गया लेकिन उनमें से तीन ही पहुंचे। मीडिया से बात करते हुए अनूपगढ़ विधायक शिमला बावरी ने बताया कि पिछली बैठक में मुख्य अभियंता ने कहा था कि 17-18 दिसम्बर के आसपास बांध की स्थिति के मद्देनजर समीक्षा बैठक रखी जाएगी। लेकिन समीक्षा बैठक नहीं रखी गई। आज हुई जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में मुख्य अभियंता को अवगत करवाया गया कि गेहूं की फसल जो किसान ने बोई है, अभी तक उसमें घास ही खड़ी है, वह फसल किस तरह पकाव पर आएगी। दिसम्बर में तापमान भी काफी है। इसलिए जनवरी माह में यथावत चार में से दो समूह में पानी चलाया जाए। अगर अब मांग अनुसार पानी नहीं मिला तो गेहूं व सरसों की फसल बर्बाद हो जाएगी। लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी तीन में से एक समूह चलाने की बात पर अड़े हुए हैं। यह सरकार की भी नीति है।

आंकड़ों में उलझा रहा प्रशासन और सरकार
विधायक शिमला बावरी ने बताया कि पौंग बांध में 1364 क्यूसेक के आसपास पानी चल रहा है। पौग बांध और रणजीत सागर बांध की आवक क्षमता क्रमश: 70 प्रतिशत और 77 प्रतिशत के आसपास बढ़ने के बावजूद भी किसानों को पानी नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार पानी होने के बावजूद आंकड़ों में उलझाते हैं। जब किसान आंदोलन करता है, सड़क पर आता है, बैठक होती है और पानी दिया जाता है, तब वह पानी कहां से आ जाता है। जनवरी में तीन में से एक समूह में पानी देने पर फसल नहीं पक सकती। उन्होंने मांग की कि चार में से दो समूह पानी दिया जाए ताकि किसानों की फसल बर्बाद न हो। अगर मांग अनुसार पानी नहीं मिला तो सड़कों पर उतरेंगे। प्रशासन और भाजपा सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे जो किसानों को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। रायसिंहनगर विधायक सोहनलाल नायक ने कहा कि दिसम्बर माह में समीक्षा बैठक नहीं रखने का नतीजा यह है कि विभाग यह कह रहा है कि चार में से दो समूह में पानी नहीं दे सकते। ऐसी हालत में बिजाई की हुई किसान की गेहूं और सरसों की फसल खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जब पौंग बांध में 1344 क्यूसेक चल रहा था तब भी विभाग ने चार में से दो समूह पानी चलाया था। अब तब 1364 क्यूसेक यानि उससे 20 क्यूसेक अधिक पानी चल रहा है तब चार में से दो समूह क्यों नहीं चलाए जा सकते। उन्होंने कहा कि विभाग सरकार को स्थिति से अवगत नहीं करवा रहा। अगर सरकार को स्थिति से अवगत करवाया जाए तो पड़ोसी राज्य की सरकार से बात कर समस्या का समाधान किया जा सकता है।
