जयपुर। जयपुर के संजय बाजार स्थित मिश्रा मार्केट की एक तंग गली में बुधवार दोपहर करीब 12:45 बजे टायर गोदाम में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग तेजी से फैलने के कारण चार मंजिला इमारत के तीन फ्लोर पर मौजूद लोगों की जान खतरे में पड़ गई। इस दौरान एक युवक ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही राजस्थान पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। संकरी गली होने के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चार दमकल गाड़ियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लालकोठी थाना प्रभारी प्रकाश विश्नोई के अनुसार, चार मंजिला बिल्डिंग शहजाद, फुरकान और शाहनवाज की है। इसका ग्राउंड फ्लोर ‘ब्लैक स्टोन टायर गोदाम’ के लिए किराए पर दिया गया था, जबकि ऊपर की तीन मंजिलों पर लोग निवास कर रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया आंखों देखा हाल
प्रत्यक्षदर्शी इमरान के मुताबिक, “हम बिल्डिंग में ही थे। बाहर निकलते ही पीछे से धुआं उठता देखा। जान बचाने के लिए मुझे एक मंजिल से कूदना पड़ा।” घटना के समय बिल्डिंग में रखे चार गैस सिलेंडरों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
शटर तोड़कर बुझाई गई आग
दमकल टीम को गोदाम तक पहुंचने के लिए शटर तोड़ने पड़े। इसके बाद केमिकल फोम का इस्तेमाल कर आग की तीव्रता को नियंत्रित किया गया। आग के चलते बड़ी संख्या में टायर जलकर राख हो गए।
लापरवाही आई सामने
बिल्डिंग मालिक के बेटे फरदीन ने बताया कि पास ही खुले में टायर पकाने का काम होता है, जिसकी चिंगारी से आग लगने की आशंका है। वहीं जांच में सामने आया कि बिल्डिंग में न तो फायर सेफ्टी उपकरण थे और न ही फायर एनओसी ली गई थी।
बड़ा हादसा टला
रिहायशी इलाके में स्थित इस गोदाम में यदि आग सिलेंडरों तक पहुंच जाती, तो बड़ा विस्फोट हो सकता था। आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी।
निष्कर्ष:
घटना ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी और अवैध गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की सख्ती और नियमित जांच की आवश्यकता साफ तौर पर सामने आई है।
