चारणवासी: गांव फेफाना में फाग की रात युवक विनोद भादू पर हुए कातिलाना हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। पदमपुरा के पूर्व सरपंच जगदीश सहू, विनोद गोदारा, पंचायत समिति सदस्य रमेश बेनीवाल (जसाना), प्रमोद भादू, विक्रम, अनिल, रामसिंह भादू, दौलतराम, आत्माराम, सुभाष, भूपसिंह, जगदीश कुमार और मनोज सहित कई ग्रामीण धरने पर बैठे रहे। धरनार्थियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो शनिवार को पुनः थाने का घेराव किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में शराब माफिया और ठेकेदारों ने आतंक मचा रखा है। ये लोग गांवों की गलियों में अपनी कैंपर गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ाकर लोगों में भय का माहौल बना रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शराब माफियाओं ने यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए अपने वाहनों पर बड़े-बड़े नाम लिख रखे हैं। ऐसे वाहन प्रतिदिन पुलिस थाने के सामने से गुजरते हैं, लेकिन पुलिस इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष मंगेज चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सीओ से मामले के पूर्ण निस्तारण तक शराब का ठेका बंद रखने की मांग की। इस पर सीओ सुभाषचंद्र पूनियां ने कहा कि वे सीधे तौर पर ठेका बंद करने का आदेश नहीं दे सकते, हालांकि उन्होंने इस संबंध में थानाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए हैं। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उधर, हमले में गंभीर रूप से घायल विनोद भादू का जयपुर के एपेक्स अस्पताल में उपचार चल रहा है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पूर्व विधायक सुचित्रा आर्य ने अस्पताल पहुंचकर घायल का हालचाल जाना। पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिया गया समय शुक्रवार को पूरा हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गिरफ्तारी नहीं हुई तो शनिवार को फिर से थाने का घेराव किया जाएगा। थानाधिकारी कैलाशचंद्र ने बताया कि पुलिस टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
तीन घंटे पहले दी धमकी, फिर किया जानलेवा हमला
जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत उसी शाम करीब 8 बजे हुई, जब फेफाना निवासी हरदत्त पुत्र मनीराम पिलानिया को शराब ठेकेदार मोहन दान और हर्ष दान ने जानबूझकर गाड़ी से टक्कर मार दी और उसके साथ मारपीट की। घटना के बाद हरदत्त रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए विनोद भादू, अनिल गाट, महेश बेनीवाल और शायर सिंह भाटी के साथ थाने पहुंचे। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद शराब ठेकेदार नवीन दान चारण, पवन दान चारण, विशाल चारण और कर्ण चारण ने पुलिस की मौजूदगी में ही उन्हें देख लेने की धमकी दी। इसका उल्लेख एफआईआर में भी किया गया है। बताया जा रहा है कि जब विनोद भादू ने हरदत्त का पक्ष लेते हुए ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही, तो आरोपियों ने सभी को जान से मारने की धमकी दी। इसके करीब तीन घंटे बाद ही विनोद भादू पर पहला जानलेवा हमला कर दिया गया।
