-हर घर में एक आशियाना लगाने की अपील, पक्षी संरक्षण के लिए नई पहल
हनुमानगढ़। शहर में पक्षियों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से द ईगल फाउंडेशन द्वारा लगातार सराहनीय पहल की जा रही है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत सोनी ने बताया कि बढ़ती गर्मी और तेजी से घटते पेड़ों की संख्या के कारण पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय और पानी की व्यवस्था दिन-ब-दिन कम होती जा रही है। इसके परिणामस्वरूप कई मूक पक्षियों को रहने के लिए स्थान नहीं मिल पाता और उनकी मौत तक हो जाती है, जिससे पर्यावरण का संतुलन भी प्रभावित होता है। प्रशांत सोनी ने बताया कि इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष संस्था की ओर से शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर लगभग 500 विशेष प्रकार के कृत्रिम आशियाने और पानी के लिए परिंडे लगाए गए थे। इन आशियानों में नियमित रूप से दाना और पानी की व्यवस्था की जाती है तथा समय-समय पर उनकी देखभाल भी की जाती है, जिससे पक्षियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

उन्होंने बताया कि पक्षियों के लिए लगाए गए ये विशेष आवास पंजाब से तैयार करवाए गए हैं, जो मौसम के अनुकूल और पक्षियों के लिए सुरक्षित बनाए गए हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिला है, जहां कई स्थानों पर पक्षियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए द ईगल फाउंडेशन ने इस वर्ष लगभग 1000 कृत्रिम आशियाने लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। संस्था का उद्देश्य शहर में पक्षियों की चहचहाहट को फिर से जीवंत करना और लोगों में प्रकृति व जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना है। प्रशांत सोनी ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने घर या आसपास कम से कम एक आशियाना और एक परिंडा अवश्य लगाए, ताकि पक्षियों को रहने और पानी पीने के लिए सुरक्षित स्थान मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि समाज मिलकर यह छोटा सा प्रयास करे तो आने वाले समय में शहर में पक्षियों की चहचहाहट फिर से गूंज सकती है।
