रावतसर। गर्मी के बढ़ते मौसम को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने रावतसर क्षेत्र में आइसक्रीम और कुल्फी की गुणवत्ता को लेकर सख्त कार्रवाई शुरू की है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषध नियंत्रण जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देशन में यह विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत विभाग की टीम ने रावतसर कस्बे की विभिन्न आइसक्रीम फैक्ट्रियों और विक्रेताओं पर पहुंचकर सैंपल लिए। टीम ने विशू आइसक्रीम, अक्षरा आइसक्रीम और कृष्णा आइसक्रीम से आइसकैंडी के नमूने एकत्रित किए। इसके साथ ही थोक विक्रेताओं और एजेंसियों पर भी जांच की गई, ताकि सप्लाई चेन के हर स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में आइसक्रीम व कुल्फी की मांग बढ़ने के साथ मिलावट और हानिकारक रंगों के उपयोग की शिकायतें भी सामने आती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सघन अभियान चलाया जा रहा है, जिससे आमजन तक सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ पहुंच सकें। लिए गए सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट, प्रतिबंधित रंग या हानिकारक रसायन पाए जाते हैं तो संबंधित संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी रफीक मोहम्मद, सुदेश गर्ग, सहायक हीरा बल्लभ और चालक गुरशरण सिंह मौजूद रहे। विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य पदार्थ विक्रेताओं में हड़कंप मच गया, वहीं आमजन ने इसे जनस्वास्थ्य की दृष्टि से सराहनीय कदम बताया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के मौसम में इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि मिलावटखोरों पर अंकुश लगाया जा सके और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
संवाददाता जगत जोशी
