हनुमानगढ़। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 22 से 26 जनवरी तक आयोजित तीसरी राष्ट्रीय पैरा कबड्डी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली राजस्थान की टीम के खिलाड़ियों के सम्मान में शनिवार को टाउन स्थित सरस्वती कॉन्वेंट स्कूल के मकून्स प्ले विंग प्रांगण में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में खिलाड़ियों के साथ टीम इंचार्ज एवं अर्जुन अवार्डी जगसीर सिंह तथा कोच सुनील सामरिया का भी सम्मान किया गया।

इस अवसर पर राजेश दादरी टीम के सदस्यों की ओर से सभी खिलाड़ियों को ट्रैक सूट वितरित किए गए। समारोह के मुख्य अतिथि पंडित विजयानंद शर्मा ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सबसे पहले लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए अनुशासन, एकाग्रता एवं निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ें। सफलता निश्चित रूप से मिलेगी। उन्होंने खिलाड़ियों से अच्छे गुणों को अपनाने और दुर्गुणों का त्याग करने का आह्वान किया।

टीम इंचार्ज एवं अर्जुन अवार्डी जगसीर सिंह ने बताया कि इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 20 राज्यों की मजबूत टीमों ने भाग लिया। कड़े लीग मुकाबलों और नॉकआउट चरणों को सफलतापूर्वक पार करते हुए राजस्थान की टीम फाइनल में पहुंची। खिताबी मुकाबले में राजस्थान का सामना हिमाचल प्रदेश की टीम से हुआ, जिसे टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन राजस्थान के खिलाड़ियों ने शानदार सामंजस्य और दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए हिमाचल प्रदेश को 41-32 के अंतर से पराजित कर पहली बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

इस ऐतिहासिक जीत में टीम के बेस्ट डिफेंडर चेतराम और उपकप्तान लोक राम की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। इससे पहले राजस्थान की टीम ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पिछली बार की स्वर्ण पदक विजेता महाराष्ट्र की टीम को पराजित कर अपनी दावेदारी मजबूत की थी। राजेश दादरी ने विजेता टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खिलाड़ी भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर राजस्थान और हनुमानगढ़ जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करते रहें।

समारोह में टीम में शामिल खिलाड़ी मनीष, गुरप्रीत, राम अवतार, रामस्वरूप, नासिर, दीपचंद, शाहिद अली, नरेंद्र दूधवाल, लाखन सिंह, भीयाराम, तागाराम, लोकराम, चेतराम राजेंद्र व नरेंद्र के अलावा लखवीर, विक्रम सिंह, मधुसूदन शर्मा, सज्जन चमड़िया, अशोक गर्ग, पारस गर्ग, योगेश, ऋषि शर्मा, महक गर्ग, योगेश गुप्ता मौजूद रहे।
