हनुमानगढ़। कम विद्युत वोल्टेज की समस्या से परेशान चक 9, 10 और 11 केएसपी क्षेत्र के किसानों ने गुरुवार को जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रदर्शन के बाद अधीक्षण अभियंता को मांगपत्र सौंपकर लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान करवाने की मांग की। किसानों ने बताया कि चक 9, 10 और 11 केएसपी क्षेत्र में करीब चार-पांच साल से कम वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। वर्तमान में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। कम वोल्टेज के कारण खेतों में लगी विद्युत मोटरें बार-बार जल रही हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार समस्या के समाधान के लिए शेरगढ़ जीएसएस की क्षमता बढ़ाने तथा 9 केएसपी में नया जीएसएस स्थापित करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। किसानों ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार की ओर से 21 जून 2023 को जारी 8 जीएसएस की सूची में 9 केएसपी में जीएसएस स्वीकृत किया गया था। जीएसएस के लिए भूमिदाता की ओर से एक बीघा जमीन विद्युत विभाग को दान भी कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद करीब पांच साल बीतने के बाद भी मौके पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।

किसानों ने विभाग पर इस मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि पिछले दो वर्षांे में अच्छी बारिश होने के कारण कम वोल्टेज की समस्या का असर कुछ कम रहा, लेकिन इस बार समस्या फिर गंभीर हो गई है। कम वोल्टेज के कारण खेतों में लगी मोटरें लगातार जल रही हैं। इससे किसान आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेल रहे हैं। किसानों ने बताया कि विभाग की ओर से पुरानी 20-30 मोटर वाली विद्युत लाइन को बदलने की बात कही जा रही है, लेकिन उनका कहना है कि केवल पुरानी लाइन बदलने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। किसानों ने मांग की कि 9 केएसपी में स्वीकृत जीएसएस का निर्माण कार्य तत्काल शुरू करवाया जाए। साथ ही स्थायी समाधान होने तक कम से कम 400 वोल्टेज विद्युत आपूर्ति किस प्रकार सुनिश्चित की जा सकती है, इस पर विभाग तत्काल कार्य करे, ताकि खेतों की मोटरें जलने से बच सकें और किसानों को राहत मिल सके। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 24 अगस्त को डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान विक्रम कुमार, सुभाष पूनिया, शिवकुमार, रमेश कुमार, राकेश कुमार, गोरासिंह, दर्शनसिंह, रामधन, मांगीलाल, कुलदीप सिंह, लाभसिंह, महावीर, श्योपत, मैनपाल, जगदीश नोखवाल, हरदीप सिंह सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे।
