गोरखपुर। योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब प्रदेश में कोई भी थाने पर हमला करने की हिम्मत नहीं कर सकता। थानों में अलग बैरक और हर समय तैनात जवानों की व्यवस्था की गई है। अगर कोई सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करेगा, तो उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बनाए गए नए सुरक्षा भवनों का उद्घाटन भी किया। करीब 9 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से बने ये दोनों भवन स्टिल्ट प्लस चार मंजिला हैं और एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इनमें अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक के कार्यालय के साथ कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर और मेंटीनेंस वर्कशॉप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन भवनों में एक साथ 100 पुलिसकर्मी और अधिकारी ठहर सकेंगे। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 में जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, उस समय यूपी पुलिस में आधे से अधिक पद खाली थे। पिछले 9 वर्षों में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है। उन्होंने बताया कि पहले पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता केवल 3 हजार तक सीमित थी, जिसे अब बढ़ाकर 60 हजार से अधिक किया गया है। उन्होंने कहा कि सुशासन की पहली शर्त सुरक्षा है, लेकिन केवल भर्ती से यह सुनिश्चित नहीं होता। पुलिस कर्मियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं मिलना भी जरूरी है। पहले पुलिसकर्मियों के लिए आवासीय सुविधाओं का अभाव था, जिससे उन्हें किराए के मकानों में रहना पड़ता था। अब हर पुलिस लाइन में 200 कर्मियों के लिए आवासीय व्यवस्था विकसित की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पहले थानों और पुलिस चौकियों का कोई मानक मॉडल नहीं था, लेकिन अब आधुनिक ढांचे के साथ इन्हें विकसित किया जा रहा है। उन्होंने गोरखनाथ थाने का उदाहरण देते हुए कहा कि यह नए मॉडल का प्रतीक है। साथ ही फायर टेंडर के लिए भी तेजी से भवन निर्माण कार्य जारी है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब पुलिस बल को बेहतर संसाधन, प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलती हैं, तो उनके कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और कानून-व्यवस्था का बेहतर मॉडल स्थापित हुआ है।
