नोहर। जिला अंधता निवारण समिति के तत्वावधान में समाजसेवी स्व. मोहनलाल जी थिरानी की 34वीं पुण्यतिथि के अवसर पर थिरानी परिवार, उत्तरी राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा, माहेश्वरी समाज नोहर तथा आचार्य श्री नानेश रोटरी नेत्र चिकित्सालय गंगाशहर (बीकानेर) के संयुक्त सहयोग से शनिवार को नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन अग्रसेन धर्मशाला, नोहर में किया गया, जहां बड़ी संख्या में मरीजों ने पहुंचकर नेत्र जांच करवाई। शिविर का शुभारंभ भगवान महेश की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता तथा आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. आशीष जोशी ने 416 मरीजों की आंखों की जांच की। जांच के दौरान 65 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। आयोजक विजय कुमार थिरानी ने बताया कि चयनित मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन 8 मार्च को आचार्य श्री नानेश रोटरी नेत्र चिकित्सालय, गंगाशहर (बीकानेर) में किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ये ऑपरेशन आधुनिक तकनीक के माध्यम से बिना चीरा और बिना टांके के किए जाएंगे, जिससे मरीजों को कम समय में राहत मिल सकेगी और उनकी दृष्टि बेहतर हो सकेगी। उन्होंने आगे बताया कि शिविर के माध्यम से चयनित मरीजों को अस्पताल तक लाने और वापस घर तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था समिति द्वारा नि:शुल्क की जाएगी। इसके साथ ही मरीजों को आवश्यक दवाइयां, चश्मे, भोजन, बिस्कुट, चाय, दूध तथा अस्पताल में रहने के दौरान बिस्तर की सुविधा भी निशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतर नेत्र उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि वे समय रहते अपनी आंखों की समस्या का समाधान कर सकें। शिविर में स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और इस सामाजिक पहल की सराहना की। आयोजकों ने बताया कि समाज सेवा की भावना से प्रेरित होकर इस प्रकार के शिविरों का आयोजन समय-समय पर किया जाता है, जिससे जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सुविधाएं सुलभ हो सकें। शिविर के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान रोटे. शशिमोहन मूंधड़ा, विजय कुमार थिरानी, रोटे. मनमोहन कल्याणी, सुशील कुमार थिरानी, रोटे. बालकिशन थिरानी, रोटे. महावीर प्रसाद मूंधड़ा, बिशम्बर पचीसिया, मांगीलाल बजाज, जुगल मड़दा, प्रेम प्रकाश चांडक, सुनील राठी, देवकीनंदन लखोटिया सहित अन्य सदस्यों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और शिविर की तैयारियों की निगरानी की। आयोजन समिति ने बताया कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर समाज के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं, क्योंकि इनके माध्यम से ग्रामीण एवं जरूरतमंद लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार का अवसर मिलता है। शिविर के माध्यम से कई लोगों को समय रहते आंखों की बीमारियों का पता चल सका, जिससे उनका उचित इलाज संभव हो पाएगा।
संवाददाता- संतोष
