हनुमानगढ़। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और स्टेशन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से सोमवार को हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन का स्टेशन अधीक्षक नागेन्द्र प्रताप सिंह ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आईं, जिन पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण में पाया गया कि प्लेटफार्म नंबर-1 पर निर्माणाधीन 12 मीटर फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) की पूरी तरह बेरिकेडिंग नहीं की गई है, जिससे निराश्रित पशु प्लेटफार्म पर पहुंच रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। साथ ही एफओबी से आगे के हिस्से में पानी की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस पर स्टेशन अधीक्षक ने वहां वाटर कूलर व वाटर बूथ स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। सूरतगढ़ दिशा की ओर स्टेशन बोर्ड के पास एक अर्थिंग पॉइंट खुला पाया गया, जिसे अंडरग्राउंड करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्लेटफार्म नंबर-1 पर स्टॉल नंबर-2 के पास फर्श टूटा हुआ मिला तथा शेड से पानी टपकने की समस्या भी सामने आई। निरीक्षण में प्लेटफार्म नंबर-2 व 3 पर आवश्यक सीजीडीबी नहीं लगे होने, गार्ड बॉक्स के पास बेंचों की अव्यवस्थित स्थिति तथा पार्सल कार्यालय से अंतिम छोर तक पानी के बूथ का अभाव भी सामने आया। वहीं लाइन नंबर 1 व 2 के बीच बने ड्रेनेज नाले के टूटे ढक्कनों को भी गंभीरता से लिया गया। वेटिंग हॉल की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। स्लीपर व एसी वेटिंग हॉल में चार्जिंग पॉइंट के पास स्टैंड नहीं हैं और कई स्थानों पर अनाउंसमेंट स्पीकर की कमी है। स्लीपर वेटिंग हॉल में शौचालय का फर्श ऊंचा होने तथा दिव्यांग शौचालय में हैंडल नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। साथ ही पे एंड यूज शौचालय में एग्जॉस्ट फैन लगाने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के बाद स्टेशन अधीक्षक ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यांे की समीक्षा की। बैठक में प्लेटफार्म नंबर-3, 4 और 5 के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करवाने पर जोर दिया गया। स्टेशन अधीक्षक नागेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि वर्तमान में प्लेटफार्म की कमी के कारण कई बार ट्रेनों को स्टेशन के बाहर खड़ा करना पड़ता है। नए प्लेटफार्म बनने से ट्रेनों के संचालन में सुगमता आएगी और यात्रियों को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी। स्टेशन अधीक्षक नागेंद्र प्रताप सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी खामियों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द दूर किया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
