हनुमानगढ़। शहर में लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था और भारी वाहनों के अनियंत्रित आवागमन को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सुशील बहल ने मंगलवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि जंक्शन क्षेत्र में यातायात व्यवस्था दिन-प्रतिदिन बदहाल होती जा रही है, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुशील बहल के अनुसार जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में जारी आदेश के तहत शहर के प्रमुख मार्गांे पर सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन वर्तमान में इन आदेशों की खुलेआम अवहेलना हो रही है। उन्होंने बताया कि सतीपुरा से चूना फाटक, शहीद भगत सिंह चौक, राजीव चौक, अंबेडकर चौक से कलक्ट्रेट स्टेडियम रोड, तिलक सर्किल तथा लाल चौक से कलक्ट्रेट स्टेडियम रोड जैसे अत्यंत व्यस्त मार्गांे पर भारी वाहन धड़ल्ले से प्रवेश कर रहे हैं। इससे पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है और आमजन को आवागमन में कठिनाई होती है। विशेष रूप से चूना फाटक क्षेत्र को सबसे अधिक प्रभावित बताया गया है, जहां प्रतिदिन जाम लगना आम बात हो गई है। कई बार जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि एम्बुलेंस तक फंस जाती है, जिससे मरीजों की जान पर भी बन आती है। पूर्व में इसी क्षेत्र में भारी वाहनों की वजह से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी है। इसके अलावा जिन मार्गांे का उल्लेख किया गया है, वहां बड़ी संख्या में स्कूल स्थित हैं, जहां से रोजाना हजारों छात्र-छात्राएं गुजरते हैं। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से उनके जीवन को भी खतरा बना रहता है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि पिछले कई महीनों से बनी हुई है, लेकिन इसके समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। सुशील बहल ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में भारी वाहनों के प्रवेश प्रतिबंध के नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रमुख स्थानों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाने, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की गई है ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा घटित न हो। इस पर एडीएम ने इस मुद्दे को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में रखने के लिए पीडब्ल्यूडी एसई को निर्देशित किया।
