संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पिकअप लूटने के लिए पिता-पुत्र की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। आरोपियों ने दोनों के शव संभल से करीब 200 किलोमीटर दूर शामली जिले के गन्ने के खेत में फेंक दिए। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार को भिरावटी चौराहे पर शव रखकर करीब तीन घंटे तक जाम लगाया। पुलिस के समझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पुलिस ने मामले में एक आरोपी मनोज कुमार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस के अनुसार, गुन्नौर तहसील के भिरावटी गांव निवासी नरेश (48) अपने बेटे भीमसेन (24) के साथ पिकअप चलाकर परिवार का गुजारा करते थे। करीब साढ़े चार महीने पहले उन्होंने लोन पर पिकअप खरीदी थी। बताया गया कि 2 अप्रैल को बदायूं निवासी मनोज कुमार ने नरेश को फोन कर मेरठ से मजदूर लाने के लिए पिकअप बुक की थी। उसी शाम नरेश और उनका बेटा भीमसेन दो अज्ञात लोगों को लेकर मेरठ के लिए निकल गए।

रात करीब 10 बजे परिवार से उनकी आखिरी बार बात हुई, इसके बाद दोनों के फोन बंद हो गए। संपर्क न होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की। टोल प्लाजा तक पिकअप वाहन सीसीटीवी में दिखाई दिया, लेकिन उसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला। जांच के दौरान पता चला कि दोनों को वाहन सहित शामली ले जाया गया था। संभल और शामली पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मनोज को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर मंगलवार शाम करीब छह बजे शामली के एक गन्ने के खेत से दोनों के शव बरामद किए गए। शवों के हाथ बंधे हुए थे और हालत काफी खराब थी, जिससे पहचान में भी दिक्कत हुई। बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद जैसे ही दोनों के शव गांव पहुंचे, परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने भिरावटी चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी व सरकारी मुआवजे की मांग की।

मौके पर धनारी, बहजोई, जुनावई और गुन्नौर थानों की पुलिस के साथ पीएसी और आरआरएफ को तैनात किया गया। अधिकारियों के समझाने के बाद करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि पिकअप लूटने के इरादे से पिता-पुत्र की हत्या की गई थी। मामले में संभल के कैलादेवी थाना क्षेत्र के रहने वाले सगे भाई संतोष और अरविंद फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपी मनोज के पैर में मुठभेड़ के दौरान गोली लगी है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। समाजवादी पार्टी के विधायक राम खिलाड़ी यादव भी गांव पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। विधायक ने पीड़ित परिवार को अपनी ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी और सरकार से मृतकों के परिजनों को प्रति व्यक्ति 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
