ऐलनाबाद। सिरसा पुलिस ने एक बार फिर अपने कर्तव्यनिष्ठ आचरण, ईमानदारी और मानवता का परिचय देते हुए आमजन का भरोसा मजबूत किया है। रात्रि गश्त के दौरान सड़क किनारे मिला एक गुम हुआ मोबाइल फोन पुलिस ने पूरी जिम्मेदारी के साथ उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया। यह मोबाइल फोन लुधियाना की रहने वाली एक महिला का था, जो धार्मिक यात्रा से लौटते समय रास्ते में गिर गया था। घटना बीती रात्रि की है, जब थाना सिविल लाइन में तैनात सहायक उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ नियमित रात्रि गश्त पर थे। पुलिस टीम बरनाला रोड से होते हुए जेल की ओर जा रही थी। इसी दौरान जेल के नजदीक सड़क किनारे एक मोबाइल फोन पड़ा हुआ दिखाई दिया। आमतौर पर ऐसे मामलों में मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त हो सकता है या कोई उसे उठा ले, लेकिन सहायक उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह ने तत्परता और ईमानदारी का परिचय देते हुए मोबाइल को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और उसके मालिक की पहचान करने का निर्णय लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोबाइल मिलने के तुरंत बाद भूपेंद्र सिंह ने यह सुनिश्चित किया कि फोन सुरक्षित रखा जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। कुछ ही समय बाद उस मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाली महिला काफी घबराई हुई थी। बातचीत के दौरान महिला ने बताया कि वह लुधियाना की निवासी है और खाटू श्याम मंदिर से दर्शन कर वापस लौट रही थी। यात्रा के दौरान कहीं रास्ते में उसका मोबाइल फोन गिर गया, जिसका उसे बाद में पता चला। मोबाइल फोन में उसके निजी संपर्क, जरूरी दस्तावेजों से संबंधित जानकारी और पारिवारिक फोटो होने के कारण वह बेहद चिंतित थी। सहायक उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह ने महिला को पूरी शालीनता और संवेदनशीलता के साथ आश्वस्त किया। उन्होंने बताया कि वह सिरसा पुलिस से बात कर रही हैं और उनका मोबाइल पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने महिला से कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है और वह जब भी सुविधानुसार सिरसा आकर थाना सिविल लाइन से अपना मोबाइल प्राप्त कर सकती हैं। पुलिस के इस व्यवहार से महिला को काफी राहत मिली। सूचना मिलने के बाद महिला सिरसा पहुंची और थाना सिविल लाइन में सहायक उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह से संपर्क किया। आवश्यक पहचान की पुष्टि के बाद मोबाइल फोन महिला को सौंप दिया गया। मोबाइल पूरी तरह सुरक्षित और सही स्थिति में मिलने पर महिला ने सिरसा पुलिस का दिल से आभार व्यक्त किया। महिला ने कहा कि आज के समय में जब गुम हुआ सामान वापस मिलना मुश्किल हो जाता है, ऐसे में पुलिस द्वारा दिखाई गई ईमानदारी वास्तव में सराहनीय है। इससे आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान और अधिक बढ़ता है। इस संबंध में थाना प्रभारी सिविल लाइन ने जानकारी देते हुए बताया कि सहायक उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह द्वारा किया गया यह कार्य पुलिस बल की जिम्मेदारी, कर्तव्यपरायणता और मानवता के प्रति समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सहायता करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना भी है। गश्त के दौरान मिला मोबाइल फोन उसके असली मालिक तक पहुंचाना इसी भावना का उदाहरण है। थाना प्रभारी ने आगे कहा कि सिरसा पुलिस हमेशा से ही जनसेवा को प्राथमिकता देती आई है। इस प्रकार के छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कार्य समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पुलिसकर्मियों के ऐसे प्रयासों से जनता और पुलिस के बीच आपसी सहयोग और विश्वास का रिश्ता और मजबूत होगा। स्थानीय नागरिकों और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस कार्य की सराहना की है। उनका कहना है कि सहायक उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह जैसे कर्मठ और ईमानदार अधिकारी पुलिस विभाग की असली पहचान हैं। ऐसे उदाहरण न केवल पुलिस बल का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में यह संदेश भी देते हैं कि पुलिस हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी है। गौरतलब है कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि व्यक्ति की निजी और व्यावसायिक जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में मोबाइल का गुम हो जाना किसी के लिए भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। सिरसा पुलिस द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और तत्परता ने यह साबित कर दिया कि पुलिस केवल कानून की रक्षक ही नहीं, बल्कि जनता की सच्ची मददगार भी है। अंत में कहा जा सकता है कि सिरसा पुलिस का यह सराहनीय कार्य न केवल एक महिला के लिए राहत का कारण बना, बल्कि समाज में पुलिस के प्रति सकारात्मक सोच को भी मजबूत करने वाला साबित हुआ। ईमानदारी और मानवता के ऐसे उदाहरण निश्चित रूप से प्रेरणादायक हैं और अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी आदर्श प्रस्तुत करते हैं।
