-असम सीएम की टिप्पणी की कड़ी निंदा, किसानों की गेहूं खरीद में देरी पर हरियाणा सरकार को घेरा
ऐलनाबाद।
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने असम के मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष के प्रति की गई आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह बयान न केवल एक वरिष्ठ और सम्मानित नेता का अपमान है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मूल भावना और राजनीतिक शिष्टाचार पर भी सीधा आघात है। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे देश के एक प्रतिष्ठित दलित नेता हैं, जिनका सार्वजनिक जीवन पांच दशकों से अधिक का रहा है। उनके प्रति इस प्रकार की भाषा का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता को उजागर करती है और यह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। उन्होंने कहा कि आज जब देश के सामने अनेक गंभीर मुद्दे हैं और कांग्रेस पार्टी उन पर सरकार से जवाब मांग रही है, तब सत्तारूढ़ दल के नेता मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए गैर-जिम्मेदाराना भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। यह उनकी घबराहट और वास्तविक मुद्दों से बचने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। सांसद सैलजा ने मांग की कि असम के मुख्यमंत्री को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और भविष्य में इस प्रकार की अमर्यादित भाषा से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत एवं अपमानजनक टिप्पणियां किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी दलित समाज के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और ऐसे किसी भी कृत्य का पुरजोर विरोध करती रहेगी।
हरियाणा में किसानों के साथ हो रहा अन्याय तुरंत रोका जाए: कुमारी सैलजा
हरियाणा में गेहूं खरीद को लेकर पैदा हुई स्थिति पर चिंता जताते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा एक-एक दाना खरीदने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। मंडियों में किसान कई दिनों से अपनी फसल लेकर बैठे हैं, लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि चरखी दादरी, फतेहाबाद, रोहतक और नरवाना सहित कई जिलों में हजारों क्विंटल गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है, लेकिन खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। सरकार नमी और तकनीकी कारणों का बहाना बनाकर किसानों को गुमराह कर रही है, जिससे किसान मजबूर होकर अपनी उपज प्राइवेट खरीदारों को कम कीमत पर बेचने को विवश हो रहे हैं। सैलजा ने कहा कि मंडियों के बाहर लंबी कतारें, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की भीड़ और किसानों की बढ़ती चिंता इस बात का प्रमाण है कि सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने हरियाणा सरकार से मांग की कि तुरंत सभी मंडियों में सरकारी खरीद शुरू की जाए, किसानों की फसल बिना किसी बहाने के खरीदी जाए, मंडियों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं और देरी के लिए किसानों को मुआवजा दिया जाए।
संवाददाता- रमेश भार्गव
