जयपुर/नई दिल्ली: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर असम पुलिस की छापेमारी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस कार्रवाई को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे असम विधानसभा चुनाव में संभावित हार से घबराहट का परिणाम बताते हुए भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि असम चुनाव में हार के डर से भाजपा बौखला गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि वह लोकतंत्र में विश्वास करने के बजाय पुलिस और सरकारी एजेंसियों के पीछे छिपकर वार करती है। गहलोत ने पवन खेड़ा के आवास पर असम पुलिस की छापेमारी को कायराना हरकत बताते हुए कहा कि कांग्रेस को ऐसे पैतरों से डराया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि असम पुलिस, सीबीआई और ईडी का डर दिखाने से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के हौसले नहीं टूटेंगे और असम की जनता सब देख रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी एक्स पर पोस्ट कर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति अब केवल डराने, धमकाने और संस्थाओं के दुरुपयोग के जरिए विपक्षी नेताओं को दबाने तक सीमित रह गई है। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा के खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए असम पुलिस का दिल्ली आना यह स्पष्ट करता है कि भाजपा तानाशाही की राह पर चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पवन खेड़ा ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी से जुड़े कथित तीन पासपोर्ट के मामले को उठाया था। वहीं, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि असम चुनाव में हार के डर से भाजपा बौखलाकर पुलिस और सरकारी एजेंसियों के माध्यम से विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है। जूली ने पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की छापेमारी को कायराना हरकत बताते हुए इसे भाजपा की तानाशाही का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि जवाब देने के बजाय भाजपा फर्जी एफआईआर, दमन और डराने-धमकाने की राजनीति कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता मजबूती से खड़ा है और असम की जनता समय आने पर इसका जवाब देगी।
