ऐलनाबाद। बाबा प्रेमदास जी की पुण्यस्मृति में 28 और 29 मार्च को आयोजित 36वाँ विशाल संत समागम एवं भंडारा परम पूज्य गुरुदेव के पावन सानिध्य में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। इस दो दिवसीय धार्मिक आयोजन में देश के विभिन्न प्रांतों से अनेक संत, महंत एवं महामंडलेश्वर पधारे और अपने आशीर्वचनों से संगत को आध्यात्मिक प्रेरणा प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान संतों का ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। समागम में स्वामी दयासागर (छुडानी धाम), स्वामी राघवानंद जी (जींद), स्वामी रामेश्वरानंद (रानियां, पंजाब), स्वामी सूर्यनंद सरस्वती (ईगराह, हरियाणा), स्वामी सत्यप्रकाश (पटना, बिहार), स्वामी राजूदास जी (हरिद्वार), स्वामी सुंदरदास जी (समालखा), स्वामी प्रकाशानंद , महंत सतपाल दास , स्वामी परमानंद , स्वामी श्यामानंद तथा स्वामी मुनिशानंद विशेष रूप से उपस्थित रहे। ऋषिकेश (उत्तराखंड) से पधारे अखंडानंद महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि यह संगत अत्यंत सौभाग्यशाली है, जिसे परम पूज्य गुरुदेव स्वामी जित्वानंद जैसे महान तत्वदर्शी संत का सानिध्य प्राप्त हो रहा है।

समागम के दौरान संतों द्वारा कबीर साहेब और श्रीमद्भगवद्गीता की वाणी का पाठ तथा सत्संग किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। कार्यक्रम में दूर-दराज के प्रांतों, आसपास के गांवों और स्थानीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। विभिन्न संतों ने अपने प्रवचनों में वर्तमान समय में सेवा, सुमिरन और सामाजिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज में नैतिकता और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। अंत में आयोजकों ने सभी संतों, अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। संत कबीर वृद्धाश्रम वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का तहेदिल से स्वागत और अभिनंदन किया गया।
संवाददाता- रमेश भार्गव
