ऐलनाबाद। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही सद्भाव यात्रा शनिवार को अपने 175वें दिन रनियां हल्के के गांव भंभूर से शुरू हुई। इसके बाद यात्रा नानकपुर, चकराया, ओटू, अभोली और गोविंदपुरा गांवों से होती हुई भगत सिंह चौक, रानियां पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान स्थानीय नागरिकों, ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यात्रा का जगह-जगह जोरदार स्वागत किया।
कई नेताओं ने थामा कांग्रेस का दामन
यात्रा के दौरान जोधपुरिया गांव में सुरेंद्र गोदारा, विक्रम हुड्डा, मनदीप सराह (पूर्व सरपंच दरियावाला), शंकर सिहाग नंबरदार, सुभाष सिहाग, भगवाना राम मोहम्मदपुरिया, ओमप्रकाश (पूर्व सरपंच जोधपुरिया), रामकुमार (पूर्व सरपंच), डीसी सहारन गोदिका और जतिन खलेरी घोड़ावाली ने अपने साथियों सहित कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। बृजेंद्र सिंह ने सभी को पार्टी में शामिल कर उनका स्वागत किया।
इजरायल भेजने के फैसले पर सरकार को घेरा
इस मौके पर बृजेंद्र सिंह ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे समय में जब इजरायल और आसपास के क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, वहां काम के लिए युवाओं से आवेदन मंगाना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिस देश में लगातार खतरे का माहौल है, वहां युवाओं को भेजना उनके जीवन को जोखिम में डालने जैसा है। उन्होंने कहा कि सरकार इसे रोजगार का अवसर बताकर पेश कर रही है, जबकि वास्तव में यह कंस्ट्रक्शन और श्रमिक कार्यों—जैसे लिपाई-पुताई और निर्माण कार्य—के लिए भर्ती है। बृजेंद्र सिंह ने आशंका जताई कि कहीं यह फैसला किसी बाहरी दबाव का परिणाम तो नहीं है, जहां इजरायल अपने युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भारत से श्रमिकों की मांग कर रहा हो।

कानून व्यवस्था और विकास पर उठाए सवाल
उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हरियाणा में अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र जैसे शांतिप्रिय जिले में भी पिछले डेढ़ साल में अपराध बढ़े हैं, जो सरकार की कमजोर पकड़ को दर्शाता है। विकास के दावों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के क्षेत्र लाडवा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति ही सरकार के विकास मॉडल की हकीकत बताती है। उनके अनुसार सरकार जमीनी स्तर पर काम करने के बजाय केवल दावे और प्रचार में व्यस्त है।
रोजगार के मुद्दे पर भी साधा निशाना
रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार “बिना पर्ची, बिना खर्ची” के नाम पर पारदर्शिता का दावा करती है, लेकिन भर्तियां समय पर पूरी नहीं हो रही हैं। उन्होंने 2019 में निकली भर्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज तक उनकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इस अवसर पर चौधरी बीरेंद्र सिंह (पूर्व केंद्रीय मंत्री), संतोष बेनीवाल (जिला अध्यक्ष), संदीप नेहरा, सरदार सुखचैन सिंह, बलवंत राज कंबोज (चेयरमैन ब्लॉक समिति), शुभम पुनिया (जिला अध्यक्ष एनएसयूआई), सरदार बलविंदर सिंह (पूर्व सरपंच), प्रोफेसर रामचंद्र लिंबा, काजल अरोड़ा, धर्मपाल खोखर, मास्टर हरि सिंह, सहीराम सहारण, मुंशी राम कंबोज, बलदेव सिंह लहगेवाला, सावन राम (पूर्व सरपंच), सरदार सरजीत सिंह, सरदार जसपाल सिंह, बिंदर सिंह रत्ती, पूरन चंद काकू (पूर्व सरपंच), बग्गा सिंह (पूर्व सरपंच), प्रताप सिंह गुज्जर (पूर्व सरपंच), राजकुमार बीडीसी, राजेंद्र नायक और सरदार जोगेंद्र सिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
संवाददाता- रमेश भार्गव
