टिब्बी। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर टिब्बी कस्बे में देशभक्ति और जन-आंदोलन का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। इथेनॉल फैक्ट्री हटाओ क्षेत्र बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर क्षेत्र के किसानों ने विशाल तिरंगा ट्रैक्टर मार्च निकालकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। यह मार्च कस्बे की धानमंडी से रवाना हुआ जहाँ सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों पर सवार होकर आए किसानों ने हाथों में तिरंगा थाम रखा था जिससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। ट्रैक्टरों का यह काफिला इतना विशाल था कि मुख्य बाजार से गुजरते समय इसकी लंबाई 5 किलोमीटर से भी अधिक दिखाई दे रही थी। संघर्ष समिति के नेतृत्व में निकाला गया यह मार्च टिब्बी के मुख्य मार्गों से होते हुए सिलवाला खुर्द और बेहरवाला कलां से गुजरा जिसका समापन तलवाड़ा झील की धानमंडी में होगा।

सैकड़ों ट्रैक्टरों की भारी भीड़ और मार्च की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे। किसानों का कहना है कि यह मार्च न केवल गणतंत्र का उत्सव है बल्कि उनके क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त रखने के संकल्प का भी प्रतीक है। राठी खेड़ा में प्रस्तावित इथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में आयोजित तिरंगा ट्रैक्टर मार्च के दौरान युवा किसान नेता महंगा सिंह, नितिन ढाका, सुखजीत सिंह चट्ठा, मदन दूगेसर, रवि रिणवां, रवि जोसन और कामरेड जगजीत सिंह जग्गी ने हुंकार भरते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट को लेकर क्षेत्र की जनता में भारी रोष व्याप्त है।

उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि 10 दिसंबर की महापंचायत और उसके बाद घटित घटनाक्रम के बावजूद सरकार ने अब तक फैक्ट्री का एमओयू रद्द नहीं किया है, जो प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। किसान नेताओं ने सरकार को कड़े शब्दों में आगाह किया कि राठी खेड़ा इथेनॉल फैक्ट्री का एमओयू तुरंत रद्द किया जाए और आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए तमाम मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि इलाके की जल, जमीन और हवा को किसी भी सूरत में प्रदूषित नहीं होने दिया जाएगा और इसी संघर्ष को निर्णायक मोड़ देने के लिए आगामी 11 फरवरी को तलवाड़ा झील में एक ऐतिहासिक महापंचायत आयोजित की जाएगी।
