हनुमानगढ़। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा संदेश के साथ व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इस पहल में विद्यालयों की जिम्मेदारी, अभिभावकों की भागीदारी और आमजन की सतर्कता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। विभाग की ओर से जारी सामग्री में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि गंभीर यातायात उल्लंघन की स्थिति में ड्राइविंग लाइसेंस कम से कम तीन माह के लिए निलंबित किया जा सकता है। विशेष रूप से जिन लापरवाहियों को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताया गया है उनमें तेज गति से वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग, ओवरलोडिंग, लाल बत्ती का उल्लंघन, भारी वाहनों में अवैध यात्री परिवहन, नशे की हालत में वाहन चलाना इत्यादि शामिल है। विभाग का मानना है कि इन आदतों पर नियंत्रण ही दुर्घटनाओं में कमी लाने की पहली शर्त है। अभियान के तहत स्कूल प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दी जाए। अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए। स्कूल वाहनों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कम उम्र से ही यातायात अनुशासन की समझ विकसित हो जाए, तो भविष्य में दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। पोस्टर में दोपहिया वाहन चालकों को आईएसआई मार्क युक्त हेलमेट पहनने और चार पहिया वाहन चालकों व यात्रियों को सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करने की अपील की गई है। आंकड़ों के अनुसार, हेलमेट सिर की गंभीर चोटों के जोखिम को काफी हद तक कम करता है, जबकि सीट बेल्ट दुर्घटना की स्थिति में जीवन रक्षक साबित होती है।
नियंत्रित गति ही सुरक्षित यात्रा की कुंजी
तेज गति के खतरों को चित्रों और तथ्यों के माध्यम से समझाते हुए विभाग ने बताया कि अधिक स्पीड न केवल दुर्घटना की संभावना बढ़ाती है, बल्कि टक्कर की स्थिति में चोटों की गंभीरता भी कई गुना बढ़ जाती है। नियंत्रित गति, सुरक्षित दूरी और सतर्क ड्राइविंग को सुरक्षित यात्रा का मूल मंत्र बताया गया है। अंतत: विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें। प्रशासनिक सख्ती के साथ सामाजिक जागरूकता को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया गया है। सुरक्षित सड़क, सुरक्षित जीवन के संकल्प के साथ यह अभियान जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
