हनुमानगढ़। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टिब्बी में सोमवार को पालना स्थल (क्रैडल बेबी पॉइंट) का शुभारम्भ किया गया। यह पहल जिला प्रशासन के निर्देशानुसार शुरू की गई है, जिससे अनचाहे नवजात शिशुओं को सुरक्षित संरक्षण मिल सके। जिला कलेक्टर हनुमानगढ़ के आदेश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा के मार्गदर्शन में इस सुविधा की शुरुआत की गई। इससे पहले यह व्यवस्था केवल जिला अस्पताल हनुमानगढ़ में ही उपलब्ध थी, लेकिन अब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टिब्बी जिले की दूसरी ऐसी स्वास्थ्य संस्था बन गई है जहां पालना स्थल की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन नवजात शिशुओं के जीवन की रक्षा करना है, जिन्हें कई बार लाचार परिस्थितियों में कचरा पात्र, तालाब, नदी या सड़क किनारे छोड़ दिया जाता है। अब ऐसे मामलों में नवजात को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टिब्बी में स्थापित पालना स्थल में सुरक्षित रूप से छोड़ा जा सकेगा। इसके बाद शिशु के लालन-पालन, देखभाल और संरक्षण की पूरी जिम्मेदारी राजस्थान सरकार द्वारा उठाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पालना स्थल में नवजात को छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की जानकारी दर्ज नहीं की जाएगी, ताकि जरूरतमंद व्यक्ति बिना किसी डर या सामाजिक दबाव के नवजात को सुरक्षित स्थान पर छोड़ सके। इस सुविधा से नवजात शिशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और समाज में मानवता की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से नवजात शिशुओं को असुरक्षित परिस्थितियों में छोड़ने की घटनाओं में कमी आएगी। इस अवसर पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. मांगीलाल (एम.डी. मेडिसिन), खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रितिका त्रिपाठी, चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुर कुमार मीणा, डॉ. प्रदीप सेवटा, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर रमिंद्र कौर, नर्सिंग ऑफिसर सुभाषचंद्र, सुनील कुमार, कनिष्ठ लेखाकार शिवानी वर्मा सहित अशोक कुमार, गोविंद वर्मा और ईश्वर चालिया सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि यह पहल जरूरतमंद नवजातों के लिए जीवनदान साबित होगी और समाज में सकारात्मक संदेश देगी।
