नोहर। गांव रतनपुरा में जन सहयोग से नवनिर्मित गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह जी का भव्य शुभारंभ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर को यादगार बनाने के लिए गुरुघर में तीन दिवसीय विशेष धार्मिक समागम का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत 12 जनवरी को श्री अखंड पाठ साहिब के साथ हुई और 14 जनवरी को पूर्ण साथ भोग डाला गया ,कार्यक्रम में दिल्ली से आए प्रख्यात रागी जत्था भाई हरभजन सिंह ने अपने वैराग्यमयी कीर्तन और गुरुवाणी के माध्यम से उपस्थित संगत को निहाल किया, उन्होंने गुरु नानक देव जी के सार्वभौमिक उपदेशों की व्याख्या करते हुए संगत को मानवता और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

इस विशेष लोहड़ी और मकर संक्रांति के पर्व पर आयोजित कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में संगत गुरु चरणों में नतमस्तक होने पहुंची। समागम के दौरान गुरु का अटूट लंगर निरंतर बरताया गया, जिसमें कुताबढ़-मेहनाखेड़ा के सेवादारों का विशेष योगदान रहा।

सेवादार वीर सिंह नामधारी,इन्द्रसिंह नामधारी, कुलवंत सिंह, लखविन्द्र सिंह, निशान सिंह, प्रमजीत सिंह, हरजोत सिंह, हरदीप सिंह, अवनीत सिंह, मिलन कम्बोज, विश्व कंबोज, सतनाम सिंह, स्वर्ण सिंह, प्रीतम सिंह, बृजलाल और तीर्थराम की टीम ने संगत को ‘चाट का लंगर’ लगाया। उल्लेखनीय है कि इस गुरुद्वारे का निर्माण कार्य वर्ष 2021 में शुरू किया गया था, जिसे ग्रामीणों ने आपसी भाईचारे और निष्काम सेवा भावना से पूर्ण किया है। व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य सोना सिंह, दयाल सिंह, गुरमीत सिंह, तरसेम सिंह, जग्गा सिंह, गुरदास, काला सिंह, मुख्तयार सिंह, छिन्दर सिंह, गुरदेव सिंह, सरतीज सिंह और जसवंत सिंह दिन-रात जुटे रहे। ग्रामीणों द्वारा बाहर से आने वाली संगत के लिए ठहरने और खान-पान की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी, जिसके लिए अलग-अलग सेवादार टीमों का गठन किया गया था। पूरे गांव में इस समय भक्तिमय माहौल है और नवनिर्मित गुरुद्वारा साहिब क्षेत्र की धार्मिक आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
