पल्लू। बाल कल्याण समिति के मजिस्ट्रेट जितेंद्र गोयल ने पल्लू क्षेत्र में विभिन्न होटलों, ढाबों, कैफे व खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर बाल श्रम के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में बाल मजदूरी नहीं करवाई जाए, अन्यथा संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मजिस्ट्रेट गोयल ने कैफे संचालकों को भी हिदायत दी कि नाबालिग छात्रों को प्राइवेट केबिन उपलब्ध नहीं करवाए जाएं और प्रतिष्ठानों में प्राइवेसी केबिन नहीं बनाए जाएं।

उन्होंने कहा कि कैफे में केवल ओपन केबिन ही होने चाहिए, ताकि किसी प्रकार की अनुचित गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। इस दौरान ऊंटवालिया मिष्ठान भंडार, बीकानेर स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट, जोशी टी स्टॉल, बालाजी स्वीट्स भंडार, मातेश्वरी मिष्ठान भंडार, गणेश होटल एंड स्वीट्स, होटल थार रेस्टोरेंट, फूड कैफे सहित कई जूस की रेहड़ियों व चाय ढाबों की भी जांच की गई। सभी संचालकों को बाल श्रम निषेध के नियमों की सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए गए।

मजिस्ट्रेट गोयल ने बस स्टैंड पर मौजूद आमजन को भी जागरूक करते हुए अपील की कि छोटे बच्चों को भिक्षा न दें। उन्होंने कहा कि बच्चों को भिक्षा देने से वे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं और भिक्षावृत्ति की ओर धकेल दिए जाते हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि यदि कहीं भी बाल मजदूरी या बाल भिक्षावृत्ति नजर आए तो इसकी सूचना तुरंत बाल कल्याण समिति या स्थानीय पुलिस को दें, ताकि समय रहते बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

