हनुमानगढ़। राजस्थान पुलिस ने संगठित अपराध और अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। हनुमानगढ़ जिले में की गई सुनियोजित कार्रवाई में कुख्यात बांबीहा गैंग से जुड़े दो सक्रिय गुर्गों को 11 अवैध पिस्टल और 22 मैगजीन सहित गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश में हथियार तस्करी और गैंगवार की कमर तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस महानिरीक्षक, बीकानेर रेंज बीकानेर ओमप्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संगठित अपराधों की रोकथाम, गैंगस्टर एवं उनके फॉलोअर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान की निरंतरता में सभी जिलों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। हनुमानगढ़ पुलिस ने इन निर्देशों की सख्ती से पालना करते हुए यह उल्लेखनीय कार्रवाई अंजाम दी।

गुप्त सूचना पर आधारित ऑपरेशन
पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पूर्व विश्वसनीय मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि इंदौर से पंजाब की ओर भारी मात्रा में अवैध हथियारों की सप्लाई की जा रही है। यह भी जानकारी मिली कि 1 मार्च 2025 को सड़क मार्ग से हथियारों की एक बड़ी खेप ले जाई जानी है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ हरि शंकर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार के सुपरविजन में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक अशोक विश्नोई द्वारा किया गया। पुलिस चौकी लखुवाली के अंतर्गत संदिग्ध मार्गों पर नाकाबंदी की गई और वाहनों की सघन जांच शुरू की गई। इसी दौरान एक बस को रोककर चेक किया गया। बस से उतरकर दो युवक तेजी से मुख्य नहर के पटड़े की ओर भागने लगे, जिससे पुलिस को संदेह हुआ।

पीछा कर दबोचे गए आरोपी
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों संदिग्ध युवकों का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उन्हें दबोच लिया। तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से कुल 11 अवैध पिस्टल और 22 मैगजीन बरामद की गईं। इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों की बरामदगी से यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई सामान्य मामला नहीं, बल्कि संगठित हथियार तस्करी का हिस्सा है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों की पहचान अमनदीप सिंह उर्फ कैप्टन तथा पवनदीप सिंह उर्फ बिल्ला उर्फ सन्नी के रूप में हुई।

आरोपी और उनका आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी अमनदीप सिंह उर्फ कैप्टन (उम्र 30 वर्ष) जिला फरीदकोट, पंजाब का निवासी है। उसके खिलाफ पूर्व में भी मारपीट और अन्य आपराधिक मामलों के प्रकरण दर्ज हैं। वहीं दूसरा आरोपी पवनदीप सिंह उर्फ बिल्ला उर्फ सन्नी (उम्र 25 वर्ष) भी फरीदकोट, पंजाब का ही निवासी है, जिसके विरुद्ध आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध से जुड़े तीन मामले पहले से दर्ज बताए गए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी बांबीहा गैंग के सक्रिय सदस्य हैं और गैंग के लिए अवैध हथियारों की सप्लाई का काम करते थे। इनके खिलाफ पहले भी हथियार तस्करी, मारपीट और संगठित अपराध से संबंधित प्रकरण दर्ज रह चुके हैं।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच तेज
पुलिस का मानना है कि यह गिरफ़्तारी हथियार तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा कर सकती है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि इंदौर, मध्यप्रदेश से हथियारों की सप्लाई की जा रही थी, जिन्हें पंजाब और अन्य राज्यों में आपराधिक गैंग्स तक पहुंचाया जाना था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियार कहां से लाए गए, किन-किन लोगों को सप्लाई किए जाने थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और हथियार तस्करी से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं।

पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस कार्रवाई को सफल बनाने में पुलिस टीम की सतर्कता और सूझबूझ की अहम भूमिका रही। ऑपरेशन में किशोर मान सब-इंस्पेक्टर, जसवंत सिंह सब-इंस्पेक्टर, रामनारायण कांस्टेबल और राकेश कांस्टेबल सहित पुलिस चौकी लखुवाली की टीम शामिल रही। विशेष भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई है।

अपराध के खिलाफ सख्त संदेश
हनुमानगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को संगठित अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध हथियारों, गैंगस्टर गतिविधियों और संगठित अपराध के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसे तत्वों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे, ताकि अपराधियों की कमर तोड़ी जा सके और कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

आगे की कार्रवाई
फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा, ताकि हथियार तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से न केवल बांबीहा गैंग बल्कि अन्य आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर भी अंकुश लगेगा। हनुमानगढ़ में हुई यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि राजस्थान पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ पूरी ताकत से मैदान में है और किसी भी कीमत पर प्रदेश की शांति और सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होने देगी।
