– 80 से बढ़कर 85 हुई बसों की संख्या, रोजाना 2500 किमी बढ़ेगा संचालन
हनुमानगढ़। लंबे समय से बसों की कमी से जूझ रहे रोडवेज डिपो को आखिरकार राहत मिली है। डिपो को 5 नई बसें मिल गई हैं, जबकि मई तक 39 और बसें मिलने की संभावना है। नई बसों के शामिल होने से जहां बंद पड़े कई रूटों पर फिर से संचालन शुरू होने की उम्मीद जगी है, वहीं यात्रियों को भी राहत मिलेगी। करीब एक दशक पहले हनुमानगढ़ डिपो में 150 बसें संचालित होती थीं, लेकिन धीरे-धीरे यह संख्या घटकर 80 रह गई थी। अब 5 नई बसों के जुड़ने से कुल बसों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। बसों की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण रूटों पर रोडवेज सेवा बंद थी, जिससे यात्रियों को निजी बसों में सफर करना पड़ रहा था। वर्तमान में डिपो की बसें प्रतिदिन लगभग 33 हजार किलोमीटर का संचालन कर रही हैं। 5 नई बसों के शामिल होने से करीब 2500 किलोमीटर प्रतिदिन अतिरिक्त संचालन होगा। डिपो की दैनिक आय अभी करीब 15 लाख रुपए है, जिसमें नई बसों से लगभग 1.10 लाख रुपए की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। नई बसों को श्रीगंगानगर से खाटू श्यामजी वाया हनुमानगढ़, फाजिल्का से सालासर वाया हनुमानगढ़ तथा हनुमानगढ़ से सीकर मार्ग पर चलाने का प्रस्ताव है। इससे सालासर और खाटू श्यामजी जाने वाले श्रद्धालुओं को सीधी सुविधा मिलेगी। साथ ही सीकर में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को भी रोडवेज सेवा का लाभ मिलेगा।
अब तक नहीं थी सीधी सुविधा
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय से सालासर और खाटू श्यामजी के लिए अब तक कोई सीधी रोडवेज बस सेवा उपलब्ध नहीं थी। नई बसों के संचालन से यह कमी भी दूर हो सकेगी। यदि मई 2026 तक प्रस्तावित 39 बसें और मिल जाती हैं, तो हनुमानगढ़ डिपो में बसों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और अधिकांश रूटों पर पुन: सुचारु संचालन संभव हो सकेगा।
क्या बोले मुख्य प्रबंधक
रोडवेज हनुमानगढ़ आगार के मुख्य प्रबंधक हामिद अली ने बताया कि लंबे समय से बंद पड़े पुराने रूटों के साथ-साथ उन नए रूटों पर भी बसें चलाई जाएंगी, जिनकी मांग जनता और जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार की जा रही थी। उन्होंने बताया कि ये अनुबंधित स्टार लाइन बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जिनमें पांच आपातकालीन खिड़कियां, जीपीएस और पैनिक बटन सिस्टम शामिल हैं।
