हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले के किसानों ने राज्य सरकार द्वारा गेहूं खरीद की सीमा 9 क्विंटल प्रति बीघा तय किए जाने पर नाराजगी जताई है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में गेहूं की वास्तविक पैदावार इससे कहीं अधिक है, इसलिए यह सीमा किसानों के हित में नहीं है। इस संबंध में किसान नेता बलकौर सिंह ढिल्लों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गेहूं खरीद की सीमा बढ़ाने की मांग की है। ढिल्लों ने बताया कि हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर क्षेत्र में गेहूं की औसत पैदावार 12 से 15 क्विंटल प्रति बीघा तक होती है, जबकि सरकार द्वारा 9 क्विंटल प्रति बीघा ही खरीद करने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में किसानों की बड़ी मात्रा में फसल एमएसपी पर नहीं बिक पाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पूरी फसल की खरीद नहीं करती है तो किसानों को मजबूरी में बचा हुआ गेहूं व्यापारियों को कम दामों पर बेचना पड़ेगा। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। ढिल्लों ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में खाद, बीज और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में अगर किसानों की पूरी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर नहीं बिकेगी तो किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा। किसानों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर क्षेत्र की उपजाऊ जमीन और अधिक पैदावार को देखते हुए गेहूं खरीद की सीमा बढ़ाकर 15 क्विंटल प्रति बीघा की जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द इस पर निर्णय नहीं लिया तो किसान विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

