नोहर। जिले में संगठित अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। जिला पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सिंह मीना के निर्देशन में चल रही कार्रवाई के तहत भिरानी और नोहर पुलिस ने एक सक्रिय गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक आरोपी के कब्जे से दो अवैध देशी पिस्टल भी बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गैंग फिरौती वसूली, जान से मारने की धमकी और हत्या की साजिश जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त था, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था।जिला पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सिंह मीना ने बताया कि जिले में नशा तस्करी, अवैध मादक पदार्थों, अवैध हथियारों, जुआ-सट्टा, अवैध धंधों तथा संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही वांछित अपराधियों, गैंगस्टर और उनके सहयोगियों की धरपकड़ के लिए सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नोहर गीता चौधरी के सुपरविजन में पुलिस टीमों ने यह कार्रवाई की।

हिस्ट्रीशीटर दो अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार
भिरानी थाना पुलिस ने गश्त के दौरान रोही अमरपुरा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर अपराधी अनिल उर्फ चोटिया उर्फ गुरु को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से दो अवैध देशी पिस्टल बरामद की गईं। इस संबंध में पुलिस थाना भिरानी में अभियोग संख्या 69/2026 धारा 3/25 (1-बी) (ए) आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक कुंजीलाल कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी अनिल भिरानी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस, आबकारी, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, चोरी और मारपीट सहित करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था और गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर इलाके में दहशत फैलाने का काम कर रहा था। इस कार्रवाई में थानाधिकारी राजेन्द्र कुमार (आरपीएस) के नेतृत्व में पुलिस टीम में हैड कांस्टेबल करणी सिंह, कांस्टेबल मोहनलाल और कांस्टेबल अमित शामिल रहे।
फिरौती और हत्या की धमकी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई में नोहर थाना पुलिस ने जान से मारने की धमकी और फिरौती मांगने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 28 मार्च 2026 को दर्ज किया गया था, जिसमें परिवादी शहनवाज उर्फ सद्दाम पठान निवासी इंद्रा कॉलोनी, नोहर ने रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट के अनुसार करीब तीन महीने पहले वह अपने घर के बाहर बैठा था, तभी दो युवक उसके पास आए और उन्होंने अपना नाम आकाश निगम और शिवा सिंह गुर्जर बताया। दोनों ने उसे अमर सिंह बुडानिया की हत्या करने के लिए कहा। जब उसने इनकार किया तो दोनों ने उसके साथ मारपीट की और धमकी दी कि या तो वह हत्या करे या उन्हें 50 लाख रुपये दे, अन्यथा उसे जान से मार दिया जाएगा। आरोपियों ने यह भी कहा कि उनकी गैंग ने कई हथियार खरीद रखे हैं। परिवादी ने बताया कि आरोपियों की धमकी से वह डर गया था और उस समय शिकायत दर्ज नहीं करवाई। बाद में 27 मार्च को श्रीगंगानगर पुलिस द्वारा आकाश निगम और शिवा गुर्जर को गिरफ्तार किए जाने के बाद उसने हिम्मत जुटाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई।
इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीता चौधरी और वृताधिकारी सुभाष पुनिया के सुपरविजन में थानाधिकारी अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मानवीय और तकनीकी सूचनाएं जुटाकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गैंग की गतिविधियों में सहयोग का आरोप
पुलिस ने 29 मार्च को मोनू पुत्र बलवान सिंह जाट (23) निवासी खचवाना, थाना गोगामेड़ी और संदीप पुत्र जयसिंह नाई (33) निवासी वार्ड नंबर 4, फेफाना को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने आकाश निगम और शिवा गुर्जर को शरण दी थी तथा उनकी रेकी और अन्य गतिविधियों में सहयोग किया था।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी भिरानी के हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ गुरु के संपर्क में थे, जिसे भिरानी पुलिस पहले ही अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर चुकी है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी अजय कुमार के साथ कांस्टेबल विक्रम और कांस्टेबल कुलदीप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों तथा संभावित आपराधिक गतिविधियों के संबंध में भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिले में संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
संवाददाता- संतोष कंकर
