-ठोस कचरा प्लांट के विरोध में एकजुट हुआ पीलीबंगा, प्रशासन से जल्द निर्णय की मांग
पीलीबंगा। शहर में प्रस्तावित ठोस कचरा निस्तारण प्लांट के विरोध में क्षेत्रवासियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। लंबे समय से धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि वे अपने रोज़मर्रा के कामकाज छोड़कर केवल शहर के भविष्य और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस आंदोलन की खास बात यह है कि इसे सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। भाजपा के विभिन्न नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस के स्थानीय विधायक विनोद गोठवाल और उनके कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। इसके अलावा व्यापार मंडल, तरुण सिंह एकता मंच, मेडिकल एसोसिएशन और कई वार्ड पार्षद भी धरने में शामिल होकर क्षेत्रवासियों के साथ खड़े दिखाई दिए। धरनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि प्रशासन ने मामले के हर पहलू की जांच कराने का आश्वासन दिया है। इससे क्षेत्रवासियों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें इस समस्या से राहत मिल सकती है। लोगों का यह भी कहना है कि नगर पालिका और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बातचीत में संकेत मिले हैं कि प्लांट की प्रक्रिया में कई तरह की त्रुटियां हो सकती हैं। प्रदर्शनकारियों ने पॉल्यूशन कंट्रोल विभाग की एनओसी, शहर से बाहर प्लांट स्थापित करने के नियम और ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के तहत किसी भी आवासीय मकान से कम से कम 200 मीटर दूरी बनाए रखने के प्रावधानों का हवाला देते हुए सवाल उठाए हैं। साथ ही हवाई पट्टी और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़े मानकों के पालन पर भी संदेह जताया गया है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन पर भरोसा जताते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच की जाती है तो यह परियोजना नियमों के खिलाफ साबित हो सकती है और इसे शहर से बाहर स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए जा सकते हैं। धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द निर्णय लिया जाए, ताकि शहर को संभावित प्रदूषण और खतरे से बचाया जा सके।
संवाददाता- नेमीचंद शर्मा
