ऐलनाबाद। आधुनिकता के इस दौर में जहां मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ा है, वहीं साइबर अपराधों के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आमजन को साइबर ठगी से बचाने के उद्देश्य से सिरसा पुलिस द्वारा एक विशेष एडवाइजरी जारी कर लोगों को जागरूक किया गया है। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने बताया कि साइबर अपराधी रोज नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से वे लोग जो अपनी नौकरी से असंतुष्ट हैं या जल्दी पैसा कमाने की चाह रखते हैं, आसानी से ठगों के निशाने पर आ जाते हैं। वर्तमान समय में बुजुर्गों के साथ-साथ गृहणियां और युवा वर्ग भी साइबर अपराधियों के टारगेट पर हैं। उन्होंने बताया कि साइबर ठग लोगों को फर्जी लिंक भेजकर लॉटरी जीतने, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूट्यूब वीडियो लाइक करने या अन्य ऑनलाइन टास्क के बदले पैसे कमाने का झांसा देते हैं। शुरुआत में ठग लोगों को छोटे-छोटे भुगतान कर उनका विश्वास जीत लेते हैं। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम जैसे ऐप से जोड़कर फर्जी टास्क दिए जाते हैं और बड़े मुनाफे का लालच दिया जाता है। जब व्यक्ति उस राशि को निकालने का प्रयास करता है तो उससे कमीशन या अन्य शुल्क मांगा जाता है और इसी प्रक्रिया में ठगी की शुरुआत हो जाती है। कुछ समय बाद ठग अपना अकाउंट डिलीट कर फरार हो जाते हैं। एसपी ने बताया कि गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करने के दौरान भी कई लोग साइबर ठगी का शिकार बन रहे हैं। साइबर अपराधी फर्जी नंबर अपलोड कर लोगों को कॉल करने के लिए प्रेरित करते हैं और फिर लिंक भेजकर या कोई ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल की पूरी जानकारी हासिल कर लेते हैं। कई मामलों में ठगों को ओटीपी की भी जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि वे सीधे फोन की स्क्रीन देखकर बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपने मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। ऑनलाइन शॉपिंग करते समय लेन-देन की अधिकतम सीमा कम रखें तथा इसके लिए अलग बैंक खाता उपयोग में लाएं। बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को सार्वजनिक रूप से साझा न करें और बैंकिंग कार्यों के लिए अलग नंबर का इस्तेमाल करें। इसके अलावा किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड न करें और कस्टमर केयर नंबर हमेशा संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि ऑनलाइन शॉपिंग अकाउंट के पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें ताकि सुरक्षा बनी रहे। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो उसे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है। सिरसा पुलिस ने एडवाइजरी के माध्यम से आमजन से सतर्क रहने और साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
संवाददाता- रमेश भार्गव
