जयपुर। जयपुर पुलिस ने सिद्ध पुजारी बनकर लोगों को भगवान की नाराजगी का डर दिखाकर ठगी करने वाली नागपुर की गैंग का पर्दाफाश करते हुए पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कार से जयपुर आकर वारदात को अंजाम देते थे और लोगों से गहने, नकदी व कीमती सामान ठगकर फरार हो जाते थे। पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है। डीसीपी (नॉर्थ) करण शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जाबिर अली उर्फ जाबिर पंजाबी (41), जाफर जैदी (59), अली रजा उर्फ गुड्डू (40), अली नकी जैदी (20) और शेख अरबाज उर्फ साहिल (28) निवासी नागपुर (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली अल्टो कार भी बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार 2 अप्रैल को जयपुर में ज्वेलरी का काम करने वाले एक व्यक्ति को आरोपियों ने पूजा-पाठ के नाम पर झांसे में लेकर चांदी की 79 अंगूठियों से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे। माणकचौक थानाधिकारी राकेश ख्यालिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने गिरोह के तीन बदमाशों को दूदू के पास से और दो आरोपियों को विद्याधर नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश में दो आरोपी घायल हो गए, जिनका प्राथमिक उपचार कराया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी नागपुर से अल्टो कार में जयपुर आते थे और वारदात स्थल से करीब 10-15 किलोमीटर दूर वाहन खड़ा कर देते थे। इसके बाद ऑटोरिक्शा से भीड़भाड़ वाले इलाके में पहुंचकर संभावित शिकार की तलाश करते थे। आरोपी खुद को सिद्धि प्राप्त पुजारी बताकर लोगों को श्राप देने और भगवान के नाराज होने का डर दिखाते थे। इसके बाद पीड़ित को आंख बंद कर मुट्ठी बांधकर कुछ कदम चलने को कहते और मौका पाकर उसके गहने, नकदी व कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे।
