ऐलनाबाद। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने किसानों पर मंडियों में फसल बेचने के लिए लागू की गई बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्त को बेमतलब बताते हुए सरकार से इसे तुरंत हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह शर्त किसानों के लिए अनावश्यक परेशानी का कारण बन रही है और सरकार को जल्द से जल्द इसे समाप्त कर किसानों को राहत देनी चाहिए। रामपाल माजरा ने बताया कि इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में पार्टी इस मुद्दे को लेकर किसानों के बीच जाएगी। इसके तहत 12 अप्रैल से ट्रैक्टर पर सवार होकर विभिन्न मंडियों का दौरा किया जाएगा और किसानों से उनकी समस्याओं के बारे में बातचीत की जाएगी। कार्यक्रम के अनुसार 12 अप्रैल को कैथल और जींद, 13 अप्रैल को भिवानी और हांसी तथा 15 अप्रैल को हिसार, फतेहाबाद और सिरसा की मंडियों का दौरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डबवाली से विधायक आदित्य देवीलाल 13 अप्रैल को झज्जर और रानिया से विधायक अर्जुन चौटाला 9 अप्रैल को पलवल और मोहना मंडी तथा 10 अप्रैल को सोनीपत और रोहतक की मंडियों में जाकर किसानों से संवाद करेंगे। इनेलो का उद्देश्य किसानों को आ रही समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए सरकार पर दबाव बनाना है। रामपाल माजरा ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों पर कई कठोर शर्तें थोप दी हैं, जिससे उनकी फसल बेचने की प्रक्रिया जटिल हो गई है। पहले किसानों को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कई तरह के दस्तावेज जमा कराने पड़े और अब गेट पास के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी शर्तें लागू कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि इनेलो ने किसानों की मदद के लिए सभी मंडियों में किसान कष्ट निवारण केंद्र स्थापित किए हैं, जिससे किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। सरकार इनेलो की कई मांगों को मान भी चुकी है, जिनमें 24 घंटे मंडियां खोलना, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट की शर्त हटाना, फसल खरीद केंद्रों के लाइसेंस का नवीनीकरण और ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल को खोलना शामिल है। रामपाल माजरा ने आरोप लगाया कि अगर सरकार घोटालों को रोकना चाहती है तो अधिकारियों और व्यापारियों की मिलीभगत पर अंकुश लगाए, लेकिन इसके बजाय किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान कोई अपराधी नहीं है, जिस पर बेवजह की शर्तें थोपी जाएं। उन्होंने हाल ही में हुई बेमौसमी बारिश का जिक्र करते हुए कहा कि सोमवार और मंगलवार को हुई बारिश से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में सरकार को तुरंत विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देना चाहिए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
संवाददाता- रमेश भार्गव
